परिचय

12 जुलाई 1933 को बुलन्दशहर (उ॰प्र॰)में जन्मीं श्रीमती सरला अग्रवाल हिन्दी साहित्य की विभिन्न विधाओं में सृजन कर रही हैं। आपकी 25 पुस्तकें अब तक प्रकाशित हो चुकी हैं। लगभग 100 संकलनों में आपकी कहानियाँ, निबन्ध, कविताएँ, लघुकथाएँ एवं हाइकु कविताएँ प्रकाशित हुई हैं। देश की शीर्षस्थ पत्र–पत्रिकाओं में आपकी विभिन्न विधाओं की रचनाओं का अनुवाद गुजराती, मराठी, उर्दू और पंजाबी भाषा में हुआ हैं। देश के अनेक साहित्यिक कार्यक्रमों में सहभागिता।
संपादन-
* 'शिशु स्वास्थ्य' त्रैमासिक पत्रिका का पिछले पन्द्रह वर्षों से निरन्तर संपादन।
* हाड़ौती के कथाकारों का हिन्दी कथा संकलन 'कथांचल'।
* लाइनेस क्लब के एक दर्जन से अधिक स्मारिकाएँ।
* 'शिशु एवं स्वास्थय' पुस्तक।
प्रसारण- * आकाशवाणी कोटा से वार्ताएँ, कहानियाँ, भेंट वार्ताएँ एवं चिन्तन आदि का प्रसारण।
प्रकाशित पुस्तकें-
कहानी संग्रह- मुझे बेला से प्यार है (1992), मुट्ठी भर उजास (1995), सुबह होगी जरूर (1999), भोर की किरण (1999), मंजिल की ओर तथा वन्य कहानियाँ (2002), धूप उदास है (2001), चर्चित कहानियाँ (2001), दिन दहाड़े-लघुकथाएँ (2004), लौटती खुशियाँ (2004), टाँय-टाँय फिस्स (2004), यह तो आगाज है ।
उपन्यास- अनुमेहा (1997), एक कतरा धूप (1999)।
निबन्ध- व्यवहार आपका सुझाव हमारा (1995), समय के दस्तावेज (2002)।
काव्य-संग्रह- अन्तर्ध्वनि (2000)।
वास्तु शास्त्र- वास्तु दर्शन (1996), भारतीय वास्तु विज्ञान (1997)।
अन्य- स्मृतियों का सफर [संस्मरण]- 2000, बच्चे और उनकी देखभाल [रूपान्तरण] , सुधियों के इन्द्र धनुष (आत्मकथा)।
सम्प्रति- सत्र 1987-88 में अन्तर्राष्ट्रीय लायनेस क्लब कोटा की अध्यक्षा तब से बराबर डायरेक्टर पद पर आसीन। * साहित्य की विभिन्न विधाओं में स्वतंत्र लेखन।
सम्पर्क सूत्र-
आस्था, 5-बी-20
तलवण्डी, कोटा (राज॰) 324005
दूरभाष- 0744-2405360


